शरीर में निकलने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती है। कई बार यह चर्बी की गांठ (Lipoma), सिस्ट (Cyst) या किसी संक्रमण (Infection) के कारण भी हो सकती है। लेकिन यह पहचानना जरूरी है कि गांठ सामान्य है या कैंसरयुक्त। इसके तीन मुख्य संकेत हैं—गांठ में दर्द न होना, उसका कठोर होना या आसानी से न हिलना और उसका लगातार आकार में बढ़ना। हालांकि, केवल इन लक्षणों के आधार पर गांठ को कैंसरयुक्त नहीं माना जा सकता। सही जानकारी और समय पर जांच के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।
शरीर में गांठ क्यों बनती है?
शरीर में गांठ (Lump) बनने के मुख्य कारण संक्रमण, चोट, चर्बी का जमा होना या कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि हो सकते हैं। कुछ गांठें सामान्य और गैर-कैंसरकारी होती हैं, जबकि कुछ की पहचान के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।
इसके प्रमुख कारण हैं:
- संक्रमण: संक्रमण के कारण गर्दन या बगल की लसीका ग्रंथियों में सूजन आ सकती है।
- चोट या सूजन: चोट लगने या ऊतकों में बदलाव के कारण गांठ जैसा उभार बन सकता है।
- चर्बी का जमा होना: त्वचा के नीचे वसा कोशिकाओं से लिपोमा नामक गांठ बन सकती है।
- पुटी (Cyst): त्वचा के नीचे तरल पदार्थ या अन्य सामग्री जमा होने से पुटी बन सकती है।
- कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि: कुछ मामलों में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि से कैंसरकारी गांठ बन सकती है।
इसलिए, केवल गांठ दिखाई देने से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि वह कैंसर है। गांठ का सही कारण जानने के लिए उसके आकार, स्थान और अन्य लक्षणों के आधार पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
शरीर में गांठ कैंसर है या सामान्य?
गांठ सामान्य है या कैंसरकारी, इसका पता केवल उसके आकार, रंग या छूने से नहीं लगाया जा सकता। सामान्य गांठें अक्सर सौम्य होती हैं, यानी उनमें कैंसर कोशिकाएं नहीं होतीं। इसके विपरीत, कैंसरकारी गांठ में असामान्य कोशिकाएं होती हैं, जो आसपास के ऊतकों को प्रभावित कर सकती हैं।
कुछ सामान्य गांठें नरम और आसानी से हिलने वाली होती हैं, जबकि कुछ कैंसरकारी गांठें कठोर या स्थिर हो सकती हैं। हालांकि, ये अंतर हर मामले में सही नहीं होते।
गांठ की सही पहचान के लिए डॉक्टर की जांच और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी जैसी जांच जरूरी हो सकती है।
गांठ के 3 चेतावनी संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें
शरीर में गांठ होने पर इन तीन बदलावों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ये संकेत कैंसर की पुष्टि नहीं करते, लेकिन चिकित्सकीय जांच की जरूरत बता सकते हैं।
1. गांठ में दर्द नहीं होना
कई लोग मानते हैं कि यदि गांठ में दर्द नहीं है, तो वह खतरनाक नहीं हो सकती। लेकिन यह धारणा सही नहीं है। कुछ कैंसरकारी गांठें शुरुआती अवस्था में दर्द नहीं करतीं।
हालांकि, बिना दर्द वाली गांठें लिपोमा या अन्य सामान्य कारणों से भी हो सकती हैं। इसलिए केवल दर्द न होने के आधार पर गांठ को सामान्य मानना उचित नहीं है।
यदि शरीर में नई गांठ दिखाई दे, वह बनी रहे या उसके आकार में बदलाव आए, तो डॉक्टर से परामर्श लें।
2. गांठ का कठोर होना या आसानी से न हिलना
गांठ की बनावट भी जांच के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती है। कुछ गांठें नरम होती हैं और त्वचा के नीचे आसानी से हिल जाती हैं। दूसरी ओर, कठोर गांठ या आसपास के ऊतकों से चिपकी हुई गांठ की चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
लेकिन ध्यान रखें कि हर कठोर गांठ कैंसर नहीं होती और हर नरम गांठ सामान्य नहीं होती। गांठ की बनावट के साथ उसका स्थान, आकार, बढ़ने की गति और अन्य लक्षण भी महत्वपूर्ण होते हैं।
3. गांठ का लगातार बढ़ना
यदि गांठ का आकार लगातार बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेजी से बढ़ने वाली गांठ संक्रमण, सूजन या अन्य कारणों से भी हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में यह कैंसर का संकेत हो सकती है।
गांठ के साथ त्वचा में बदलाव, घाव का न भरना, स्तन की त्वचा में सिकुड़न या निप्पल से असामान्य स्राव जैसे लक्षण हों, तो जल्द जांच कराएं।
गांठ का बढ़ना अपने आप में कैंसर की पुष्टि नहीं करता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
शरीर के किन हिस्सों में गांठ होने पर सावधान रहें?
शरीर के कई हिस्सों में गांठ बन सकती है। कुछ जगहों पर नई गांठ दिखाई देने पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
- स्तन: नई गांठ, त्वचा में बदलाव या निप्पल में असामान्य परिवर्तन।
- गर्दन: लंबे समय तक बनी रहने वाली या बढ़ती हुई गांठ।
- बगल: सूजी हुई लसीका ग्रंथियां या असामान्य उभार।
- जांघों के जोड़: लगातार बनी रहने वाली गांठ या सूजन।
- अंडकोष: नया उभार, आकार में बदलाव या भारीपन महसूस होना।
इन जगहों पर गांठ होने का अर्थ हमेशा कैंसर नहीं है। फिर भी, नई या असामान्य गांठ की जांच कराना बेहतर है।
शरीर में गांठ की जांच कैसे होती है?
डॉक्टर गांठ की जगह, आकार, बनावट और उससे जुड़े लक्षणों के आधार पर जांच की सलाह देते हैं।
1. शारीरिक जांच: डॉक्टर गांठ को देखकर और छूकर उसका प्रारंभिक आकलन करते हैं।
2. अल्ट्रासाउंड: इससे गांठ के ठोस या तरल पदार्थ से भरे होने का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
3. अन्य इमेजिंग जांच: जरूरत के अनुसार मैमोग्राफी, सीटी स्कैन या एमआरआई की सलाह दी जा सकती है।
4. बायोप्सी: यदि कैंसर की आशंका हो, तो गांठ से ऊतक का नमूना लेकर जांच की जा सकती है। इससे कैंसर की पुष्टि करने में मदद मिलती है।
हर गांठ के लिए बायोप्सी या ऑपरेशन जरूरी नहीं होता। जांच और उपचार का निर्णय डॉक्टर गांठ की प्रकृति के अनुसार लेते हैं।
गांठ होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?
यदि शरीर में नई गांठ दिखाई दे, उसका आकार बढ़ रहा हो, वह कठोर महसूस हो या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से परामर्श लें। स्तन या अंडकोष में नई गांठ होने पर जांच में देरी न करें।
गांठ के साथ बिना कारण वजन कम होना, लगातार बुखार, रात में अधिक पसीना आना या त्वचा में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण हों, तो भी चिकित्सकीय सलाह लें। गांठ को दबाने, काटने या घरेलू उपचार से हटाने की कोशिश न करें।
निष्कर्ष
शरीर में गांठ होने का अर्थ हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन कुछ बदलावों को नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। गांठ का दर्द रहित होना, कठोर महसूस होना या लगातार बढ़ना जांच कराने के महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। हालांकि, इन संकेतों से अकेले कैंसर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
सही समय पर चिकित्सकीय जांच से गांठ का कारण पता लगाने और आवश्यक उपचार शुरू करने में मदद मिलती है। यदि आपको शरीर में किसी गांठ को लेकर चिंता है, तो डॉ. पूजा बब्बर, गुड़गांव की मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, से परामर्श लेकर उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्राप्त करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या बिना दर्द वाली गांठ कैंसर हो सकती है?
हां, कुछ कैंसरकारी गांठें दर्द रहित होती हैं। हालांकि, सामान्य गांठें भी दर्द नहीं करतीं। सही पहचान के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है।
2. क्या नरम गांठ भी कैंसर हो सकती है?
हां, केवल नरम होने से गांठ को सामान्य नहीं माना जा सकता। उसकी प्रकृति जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
3. क्या हर गांठ की बायोप्सी जरूरी है?
नहीं, हर गांठ की बायोप्सी जरूरी नहीं होती। डॉक्टर शुरुआती जांच और गांठ की विशेषताओं के आधार पर इसका निर्णय लेते हैं।
4. क्या बायोप्सी से कैंसर फैलता है?
नहीं, सामान्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में उचित तरीके से की गई बायोप्सी कैंसर फैलने का सामान्य कारण नहीं है। कैंसर की पुष्टि के लिए यह महत्वपूर्ण जांच है।
5. गांठ होने पर किस डॉक्टर से संपर्क करें?
गांठ की जगह और लक्षणों के अनुसार सामान्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें। कैंसर की आशंका होने पर मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह ली जा सकती है।