रक्त कैंसर: कारण, लक्षण, उपचार, और बचाव

रक्त कैंसर: कारण, लक्षण, उपचार, और बचाव

रक्त कैंसर, जिसे आम भाषा में ब्लड कैंसर कहा जाता है, आज के समय में एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी मानी जाती है, अगर इसकी पहचान समय पर हो जाए। यह कैंसर हमारे खून और बोन मैरो (हड्डियों के अंदर बनने वाला मज्जा) को प्रभावित करता है। खून का काम शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाना, संक्रमण से लड़ना और खून का थक्का बनाना होता है। जब खून बनाने वाली कोशिकाओं में गड़बड़ी हो जाती है, तब ब्लड कैंसर की समस्या पैदा होती है। इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि रक्त कैंसर क्या होता है?, इसके कारण, ब्लड कैंसर के लक्षण, इलाज और बचाव के तरीके क्या हैं।

रक्त कैंसर क्या होता है?

रक्त कैंसर वह बीमारी है जिसमें हमारे खून या खून बनाने वाली कोशिकाओं में कैंसर हो जाता है। यह कैंसर हड्डियों के अंदर मौजूद बोन मैरो से शुरू होता है, जहाँ खून की नई कोशिकाएँ बनती हैं। जब यहाँ बनने वाली कोशिकाएँ बिगड़ जाती हैं और बिना कंट्रोल के बढ़ने लगती हैं, तो उसे ब्लड कैंसर कहा जाता है।

सामान्य तौर पर हमारे खून में तीन तरह की कोशिकाएँ होती हैं| लाल रक्त कोशिकाएँ, सफेद रक्त कोशिकाएँ और प्लेटलेट्स। ये तीनों मिलकर शरीर को ताकत देते हैं, इंफेक्शन से बचाते हैं और खून बहने से रोकते हैं। लेकिन ब्लड कैंसर में खराब कोशिकाएँ इतनी तेजी से बढ़ती हैं कि अच्छी और स्वस्थ कोशिकाओं के लिए जगह नहीं बचती। इससे खून अपना काम ठीक से नहीं कर पाता।

इसी वजह से ब्लड कैंसर में शरीर कमजोर पड़ने लगता है, इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और व्यक्ति को बार-बार बीमारियाँ लग सकती हैं। आसान शब्दों में कहें तो ब्लड कैंसर खून बनाने की पूरी प्रक्रिया को बिगाड़ देता है, जिससे पूरे शरीर पर असर पड़ता है।

रक्त कैंसर होने के कारण

अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि रक्त कैंसर होने के कारण। इसका कोई एक कारण नहीं होता, लेकिन कुछ बातें इसके खतरे को बढ़ा सकती हैं। जैसे लंबे समय तक रेडिएशन के संपर्क में रहना, कुछ केमिकल्स जैसे बेंजीन, कमजोर इम्यून सिस्टम, पहले से कोई कैंसर का इलाज (कीमोथेरेपी या रेडिएशन) ले चुके होना, या फिर जेनेटिक कारण। कई बार बिना किसी साफ वजह के भी ब्लड कैंसर हो सकता है, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ब्लड कैंसर में क्या परेशानी होती है?

जब किसी व्यक्ति को ब्लड कैंसर होता है, तो शरीर में कई तरह की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि खून सही मात्रा में नहीं बन पाता। ऐसे में मरीज को बार-बार थकान लगती है, कमजोरी महसूस होती है और छोटी-छोटी बातों पर सांस फूलने लगती है। ब्लड कैंसर में क्या परेशानी होती है यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि कैंसर किस स्टेज पर है और कौन सा प्रकार है। कई मरीजों को बार-बार इंफेक्शन होना, खून की कमी, या आसानी से खून बहने जैसी समस्याएं होती हैं।

ब्लड कैंसर के लक्षण

ब्लड कैंसर के लक्षण शुरुआत में बहुत सामान्य से लग सकते हैं, इसलिए लोग इन्हें अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लगातार थकान रहना, बुखार या ठंड लगना, वजन का बिना वजह कम होना, रात को ज्यादा पसीना आना, बार-बार संक्रमण होना, शरीर में दर्द, खासकर हड्डियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर नीले या लाल धब्बे, मसूड़ों या नाक से खून आना – ये सभी इसके आम लक्षण हैं। कुछ लोगों में गर्दन, बगल या कमर में गांठ भी महसूस हो सकती है। अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी है।

रक्त कैंसर की जांच कैसे होती है?

ब्लड कैंसर की पहचान के लिए सबसे पहले ब्लड टेस्ट किया जाता है। इसमें खून की कोशिकाओं की संख्या और बनावट देखी जाती है। इसके अलावा बोन मैरो टेस्ट, बायोप्सी, इमेजिंग टेस्ट जैसे सीटी स्कैन या एमआरआई भी किए जा सकते हैं। सही जांच से ही यह तय होता है कि कैंसर का प्रकार क्या है और इलाज कैसे किया जाएगा।

रक्त कैंसर का उपचार

आज के समय में ब्लड कैंसर का इलाज काफी हद तक संभव है। इलाज मरीज की उम्र, कैंसर के प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है। आमतौर पर कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और कुछ मामलों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाता है। सही समय पर इलाज शुरू हो जाए, तो मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। इलाज के दौरान एक अनुभवी डॉक्टर की भूमिका बहुत अहम होती है, ताकि सही योजना बनाई जा सके।

रक्त कैंसर से बचाव के उपाय

हालांकि ब्लड कैंसर को पूरी तरह से रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन कुछ सावधानियों से खतरे को कम किया जा सकता है। धूम्रपान से बचना, हानिकारक केमिकल्स के संपर्क से दूर रहना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और शरीर में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना बहुत जरूरी है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने से बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है।

निष्कर्ष

रक्त कैंसर एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन डरने की नहीं, समझदारी से इसका सामना करने की जरूरत है। अगर समय पर ब्लड कैंसर के लक्षण पहचान लिए जाएं और सही इलाज मिले, तो मरीज की जिंदगी बेहतर हो सकती है। इलाज के लिए सही डॉक्टर और सही अस्पताल चुनना बहुत जरूरी होता है। इस दिशा में Dr. Pooja Babbar, जो कि best medical oncologist in Gurgaon मानी जाती हैं, एक भरोसेमंद नाम हैं। उन्हें मेडिकल ऑन्कोलॉजी में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने कई ब्लड कैंसर मरीजों का सफल इलाज किया है। सही मार्गदर्शन और समय पर इलाज से ब्लड कैंसर को हराना संभव है।

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