कैंसर के 13 लक्षण जो दिखते हैं मामूली, लेकिन हो सकते हैं जानलेवा

कैंसर के 13 लक्षण जो दिखते हैं मामूली, लेकिन हो सकते हैं जानलेवा

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो अक्सर शुरुआती चरण में हल्के या सामान्य दिखने वाले लक्षणों से शुरू होती है। यही कारण है कि कई मरीज शुरुआती संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिससे बीमारी देर से पकड़ में आती है। समय पर पहचान और विशेषज्ञ परामर्श से कैंसर का इलाज अधिक सफल हो सकता है।
कैंसर विशेषज्ञ Dr. Pooja Babbar के अनुसार, शरीर में दिखने वाले छोटे-छोटे बदलावों को गंभीरता से लेना आवश्यक है।

कैंसर के शुरुआती 13 चेतावनी लक्षण

1. त्वचा में बदलाव

नया तिल, दाग या पुराने तिल का आकार/रंग बदलना स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है।

2. लगातार खांसी या खून आना

3 सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून — फेफड़ों के कैंसर का संकेत।

3. स्तनों में गांठ या बदलाव

गांठ, निप्पल डिस्चार्ज, त्वचा सिकुड़ना — ब्रेस्ट कैंसर के संभावित लक्षण।

4. लगातार पेट फूलना

लंबे समय तक ब्लोटिंग — ओवरी कैंसर से जुड़ा संकेत हो सकता है।

5. पेशाब में बदलाव

बार-बार पेशाब, जलन — प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है।

6. लिम्फ नोड्स में सूजन

गर्दन/बगल में बिना दर्द की गांठ — लिंफोमा या ल्यूकेमिया संकेत।

7. अंडकोष में गांठ

भारीपन या सूजन — टेस्टिकुलर कैंसर का प्रारंभिक लक्षण।

8. निगलने में परेशानी

खाना फंसना — गले या अन्नप्रणाली कैंसर का संकेत।

9. असामान्य योनि रक्तस्राव

पीरियड्स के अलावा ब्लीडिंग — सर्वाइकल/यूटराइन कैंसर संकेत।

10. मुंह में घाव

2 हफ्ते से अधिक न भरने वाला घाव — ओरल कैंसर चेतावनी।

11. बिना कारण वजन घटना

अचानक वजन कम होना — पेट, पैंक्रियास या कोलन कैंसर संकेत।

12. लगातार एसिडिटी/पाचन समस्या

दवाइयों से न ठीक होने वाली जलन — गैस्ट्रिक कैंसर संकेत।

13. लगातार थकान

आराम के बाद भी कमजोरी — ब्लड कैंसर या अन्य कैंसर संकेत।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

अगर ये लक्षण दिखें तो देरी न करें:

  • लक्षण 2–3 हफ्ते से अधिक रहें

  • गांठ बढ़ती जाए

  • खून आना शुरू हो

  • अचानक वजन गिरना

  • निगलने/सांस में दिक्कत

समय पर जांच से कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ा जा सकता है।

कैंसर की जांच कैसे होती है?

  • ब्लड टेस्ट

  • बायोप्सी

  • CT Scan / MRI

  • PET Scan

  • एंडोस्कोपी

  • मैमोग्राफी

विशेषज्ञ द्वारा सही जांच बीमारी की स्टेज और उपचार तय करती है।

उपचार विकल्प (Cancer Treatment Options)

कैंसर के प्रकार और स्टेज के अनुसार उपचार चुना जाता है:

  • कीमोथेरेपी

  • रेडिएशन थेरेपी

  • सर्जरी

  • टार्गेटेड थेरेपी

  • इम्यूनोथेरेपी

व्यक्तिगत उपचार योजना बेहतर परिणाम देती है।

शुरुआती पहचान क्यों ज़रूरी है?

  1. इलाज की सफलता दर बढ़ती है
  2. सर्जरी कम जटिल होती है
  3. जीवन प्रत्याशा बेहतर होती है
  4. खर्च कम होता है
  5. रिकवरी तेज होती है

विशेषज्ञ से परामर्श क्यों लें?

कैंसर के लक्षण दिखने पर अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

विशेषज्ञ जैसे Dr. Pooja Babbar सटीक जांच, स्टेज-आधारित उपचार और व्यक्तिगत केयर प्लान प्रदान करती हैं।

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