कैंसर होने के बाद व्यक्ति कितने समय तक जीवित रह सकता है?

कैंसर होने के बाद व्यक्ति कितने समय तक जीवित रह सकता है?

कैंसर एक गंभीर बीमारी है और और जैसे ही इसका पता चलता है, लोगों के मन में डर आ जाता है| क्या यह ठीक होगा? इसे ठीक होने में कितना समय लगेगा? “अब मैं कितने समय तक जीवित रह पाऊँगा?” यह प्रश्न स्वाभाविक है, क्योंकि कैंसर शरीर, भावनाओं और परिवार, तीनों को प्रभावित करता है। जीवनकाल कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कैंसर का प्रकार, स्टेज, इलाज और शरीर की प्रतिक्रिया। अच्छी बात यह है कि आज विज्ञान इतना आगे बढ़ चुका है कि कई मरीज लंबे समय तक पूरी तरह सामान्य जीवन जीते हैं, खासकर जब बीमारी समय पर पहचान ली जाती है।

कैंसर क्या होता है?

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएँ (cells) अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं।
सामान्य कोशिकाएँ समय पर बनती हैं, काम करती हैं और फिर मर जाती हैं। लेकिन कैंसर कोशिकाएँ मरती नहीं, वे लगातार बढ़ती रहती हैं और एक गाँठ (tumor) बना देती हैं। अगर समय रहते इलाज न हो तो ये कोशिकाएँ शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल भी सकती हैं, जिसे मेटास्टेसिस कहा जाता है।

कैंसर शरीर के कई अंगों में हो सकता है, जैसे स्तन, फेफड़े, प्रोस्टेट, त्वचा, खून, लिंफ नोड्स, पाचन तंत्र आदि।

कैंसर के बाद जीवनकाल किन बातों पर निर्भर करता है?

जीवनकाल कई चीज़ों पर निर्भर करता है। कोई भी डॉक्टर सिर्फ “कैंसर” सुनकर यह नहीं बता सकता कि मरीज कितने साल तक जीवित रहेगा, क्योंकि हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है। नीचे वे मुख्य कारण दिए हैं जो जीवनकाल को प्रभावित करते हैं:

1. कैंसर का प्रकार

कुछ कैंसर बहुत धीरे बढ़ते हैं, जिनमें लंबे समय तक जीवन संभव होता है।
कुछ कैंसर तेज़ी से बढ़ते और फैलते हैं।

2. कैंसर की स्टेज

Stage 1–2 में इलाज के बाद मरीज कई सालों तक बिल्कुल ठीक रह सकते हैं।
Stage 3–4 में इलाज थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन आज की आधुनिक दवाओं और थेरेपी से बीमारी को लंबे समय तक नियंत्रण में रखा जा सकता है।

3. उम्र

कम उम्र वाले लोगों में शरीर मजबूत होता है, इसलिए इलाज का असर अच्छा होता है।
बुजुर्गों में इम्यूनिटी यानी शरीर की रक्षा करने की क्षमता कम होने के कारण जीवनकाल प्रभावित हो सकता है।

4. इलाज कितनी जल्दी शुरू हुआ

जितनी जल्दी इलाज शुरू किया जाए, परिणाम उतने ही बेहतर मिलते हैं।
अगर कैंसर का इलाज Stage 1 या Stage 2 में कर दिया जाए, तो इसे जल्दी और आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। कई बार कैंसर पूरी तरह खत्म भी हो सकता है।

5. इम्यून सिस्टम और जीवनशैली

कैंसर को बढ़ने से रोकने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ ज़रूरी बदलाव कर सकते हैं, जैसे:

  • नियमित व्यायाम

  • स्वस्थ वजन बनाए रखना

  • पौष्टिक और संतुलित भोजन

  • पूरी नींद

  • तनाव कम करना

  • समय पर दवाइयाँ लेना

  • शराब और धूम्रपान छोड़ना

इनसे इलाज का असर बेहतर होता है और मरीज की ताकत बढ़ती है।

कैंसर के प्रकार के अनुसार औसत जीवनकाल

नीचे विभिन्न कैंसर के 5‑साल सर्वाइवल रेट दिए गए हैं। इससे आपको अंदाजा लगेगा कि कौन-सा कैंसर किस तरह से प्रतिक्रिया देता है।

5-साल सर्वाइवल रेट (औसत)

कैंसर का प्रकार

5‑साल सर्वाइवल (%)

अतिरिक्त जानकारी

थायरॉयड कैंसर

90–95%

सबसे कम आक्रामक, इलाज प्रभावी

शुरुआती ब्रेस्ट कैंसर

85–90%

समय पर पहचान से पूरी तरह ठीक संभव

प्रोस्टेट कैंसर

80–90%

धीरे बढ़ने वाला, लंबा जीवन संभव

कोलन कैंसर

60–70%

प्रारंभिक स्टेज में अच्छे परिणाम

लंग कैंसर

20–40%

देर से पहचानने पर जीवनकाल कम

पैनक्रियाटिक कैंसर

10–20%

तेजी से फैलने वाला

यह सिर्फ अनुमान हैं, क्योंकि हर मरीज का शरीर अलग प्रतिक्रिया देता है।

कैंसर की स्टेज का जीवनकाल पर प्रभाव

अलग-अलग स्टेज में जीवनकाल में काफी अंतर होता है।

स्टेज‑वाइज सर्वाइवल रेट

स्टेज

औसत 5‑साल सर्वाइवल (%)

विवरण

Stage 1

80–90%

कैंसर अपने शुरुआती स्तर पर है

Stage 2

60–75%

आसपास के लिम्फ नोड्स तक सीमित

Stage 3

40–60%

कैंसर कुछ दूर तक फैल चुका

Stage 4

10–30%

अन्य अंगों में फैल चुका, लेकिन कई मरीज वर्षो तक जीवित रहते हैं

 

Stage 4 कैंसर में भी जीवन लंबा हो सकता है

पहले Stage 4 को "अंतिम स्टेज" मान लिया जाता था, लेकिन आज के समय में सच्चाई अलग है। आधुनिक इलाज ने कई मरीजों को 5–10 साल से भी अधिक जीवित रहने में मदद की है।

जैसे कि:

  • इम्यूनोथेरेपी

  • टार्गेटेड थेरेपी

  • जीन आधारित इलाज (Precision oncology)

  • एडवांस्ड रेडिएशन तकनीकें

ये सभी कैंसर के बढ़ने की गति को रोक sakte हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार karte हैं।

इलाज का जीवनकाल पर प्रभाव

आज कैंसर के कई तरह के इलाज उपलब्ध हैं:

1. कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी ऐसी दवाइयाँ होती हैं जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करती हैं।
इससे कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन यह इलाज काफी असरदार होता है।

2. रेडिएशन थेरेपी

रेडिएशन किरणों की मदद से ट्यूमर को छोटा किया जाता है और दर्द कम किया जाता है।

3. टार्गेटेड थेरेपी

यह इलाज सिर्फ कैंसर कोशिकाओं पर असर करता है, इसलिए साइड इफेक्ट कम होते हैं।

4. इम्यूनोथेरेपी

यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को मजबूत बनाती है ताकि वह कैंसर से खुद लड़ सके।
कई Stage 4 मरीजों ने इस तरह के इलाज से 7–10 साल तक अच्छा जीवन जिया है।

5. सर्जरी

जब ट्यूमर छोटा हो, तो उसे निकालने के लिए सर्जरी सबसे अच्छा और तेज़ असर करने वाला इलाज होता है।

मानसिक स्वास्थ्य का भी गहरा असर होता है

कैंसर सिर्फ शरीर की बीमारी नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी चुनौती है।
जो मरीज मानसिक रूप से स्थिर और सकारात्मक रहते हैं, वे बेहतर प्रतिक्रिया देते हैं।

उपयोगी बातें:

  • परिवार का समर्थन

  • काउंसलिंग

  • मेडिटेशन

  • सपोर्ट ग्रुप

  • डायरी लिखना

  • आध्यात्मिकता या प्रार्थना

इन्हें अपनाने से इलाज की प्रतिक्रिया और जीवन की गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।

कैंसर में जीवनकाल कैसे बढ़ाएँ?

  • बीमारी का समय पर पता चलाना

  • डॉक्टर की सलाह अनुसार उपचार

  • समय‑समय पर स्कैन और फॉलो‑अप

  • नियमित दिनचर्या

  • पौष्टिक आहार

  • तनाव कम करने की कोशिश

  • बीमारी को छिपाना नहीं, समर्थन लेना

निष्कर्ष

कैंसर अपने आप में बड़ा शब्द है, लेकिन यह जीवन का अंत नहीं है। आज इलाज पहले से कहीं अधिक उन्नत है। सही समय पर पहचान, सही इलाज, संतुलित जीवनशैली और मानसिक मजबूती से मरीज लंबे समय तक स्वस्थ और सार्थक जीवन जी सकते हैं।

डॉ. पूजा बब्बर,  गुडगाँव की सर्वश्रेष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट है, 15+ वर्षों के अनुभव के साथ कैंसर रोगियों को सबसे सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराती हैं।

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